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Master Circular - 69 Consolidated instructions in respect of GDCE examination
Master Circular - 69 Consolidated instructions in respect of GDCE examination
Master Circular No. 69/2024
भारत सरकार/GOVERNMENT OF INDIA
रेल मंत्रालय/MINISTRY OF RAILWAYS
(रेलवे बोर्ड/RAILWAY BOARD)
No. E(NG)I/2023/PM1/19
New Delhi, dated 07.10.2024
The General Manager (P),
All Zonal Railways, Production Units & others
(as per standard mailing list)
Sub: Master Circular- Consolidated instructions in respect of GDCE examination
A number of Orders/Circulars on the above subject have been issued by the board from time to time which are scattered in a number of circulars/orders. It has been decided to consolidate all such instructions issued till date for the information and guidance of all concerned. While referring to this Circular, the original letter referred to therein should be read for proper appreciation and in case of doubt, the original letter should be relied upon as authority.
2. Since only the important instructions on the subject have been included in this Master Circular, some instructions might not have found place herein. Instruction contained in circulars not included in the Master Circular, should not be deemed to have been superseded simply because of their non-inclusion.
INDIAN RAILWAY MASTER CIRCULARS
| INDIAN RAILWAY MASTER CIRCULARS |
|---|
Master Circular 68 - Instructions Governing Promotion from Group ‘C’ To Group ‘B’ (Hindi)
समूह 'ग' से समूह 'ख' में पदोत्रति को शासित करने वाले समेकित अनुदेश
1. समूह 'ख' में रिक्तियों को भरने का तरीका
1.1 समूह 'ख' की रिक्तियां समूह 'ग' के पात्र कर्मचारियों के चयन के आधार पर पदोन्नति द्वारा और सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा, जहां लागू हो, के आधार पर भी भरी जाती हैं जहां सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा की योजना लागू है, वहां 70% रिक्तियां भरने के लिए चयन आयोजित किया जाता है और शेष 30% रिक्तियां भरने के लिए सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा आयेजित की जाती है.
(भा.रे. स्था.नि. का पैरा 201.1 एवं पत्र सं. ई (जी पी) 92/2/9 दिनांक 3.11.1992)
1.2 समूह 'ग' से समूह 'ख' में पदोन्नति के लिए सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा की योजना को निम्नलिखित विभागों में शुरू किया गया है :-
सिविल इंजीनियरी
बिजली इंजीनियरी
सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियरी
यांत्रिक इंजीनियरी
यातायात (परिवहन एवं वाणिज्य)
लेखा
कार्मिक
भंडार
(सं. ई (जीपी) 76/2/96 दिनांक 3.6.1977
ई (जीपी) 76/2/96 दिनांक 3.8.1977)
ई (जीपी) 86/2/61 दिनांक 10.1.1990)
2. विभाग के भीतर एकीकृत चयन
2.1 एक विभाग के भीतर विभिन्न शाखाओं में समूह 'ख' पदों के लिए एक एकीकृत चयन आयोजित किया जाए और उस विभाग हेतु समग्र रूप से एक पैनल बनाया जाए. ड्राईंग कार्यालय के कर्मचारियों को कारखाना विभाग के साथ जोड़ दिया जाएगा. मुख्य यार्ड मास्टर, सहायक यातायात प्रबंधक, क्षेत्रीय अधिकारी एवं स्टेशन अधीक्षक के समूह 'ख' पदों को परिचालनिक शाखा के पदों के रूप में माना जाए.
(सं. ई (जीपी) 82/2/120 दिनांक 25.1.1983)
2.2 टी (टी एंड सी) और यांत्रिक विभागों, निम्नलिखित प्रत्येक विभाग में समूह 'ख' पदों हेतु अलग-अलग चयन क्रमशः 1983/1991 से शुरू किए गए थे :-
यांत्रिक इंजीनियरी विभाग यातायात (टी एंड सी) विभाग
1. सवारी और मालडिब्बा 1. वाणिज्यिक
2. रेल इंजन (चालू लाइन) 2. परिचालन
3. कारखाने
बहरहाल, 31.1.2006 के शुरू किए गए चयनों के लिए एकीकृत चयन इन दो विभागों में भी आयोजित किए जाएंगे.
(सं. ई (जीपी)/79/2/130 दि. 16.9.81)
(सं. ई (जीपी) 2002/2/88 दि. 31.1.2006)
बोर्ड के 31.1.2006 के आदेशों के जारी होने से पूर्व शुरू किए गए विभाग वार चयनों के संबंध में स्पष्टीकरण
2.3 समूह 'क' कनिष्ठ वेतनमान और वरिष्ठ वेतनमान (तदर्थ) में पदोन्नति हेतु वरिष्ठता के मामलों में, विभिन्न विभागों में समूह 'ख' पदों के लिए चयनित अधिकारियों के हितों की संरक्षा की दृष्टि से, विभाग के भीतर विभिन्न स्ट्रीमों हेतु चयनों को उस सीमा जहां तक प्रशासनिक रूप से संभव हो, साथ-साथ अंतिम रूप दिया जाता है.
(सं. ई (जीपी) 82/2/120 दिनांक 24.12.1983)
2.4 यांत्रिक इंजीनियरी एवं परिवहन (टी एंड सी) विभागों के विभिन्न स्ट्रीमों में समूह 'ख' पदों पर पदोन्नति हेतु चयन जहां तक संभव हो, साथ-साथ आयोजित किए जाएं. समूह 'क' सेवा में उनके समाहन के लिए वरिष्ठ वेतनमान में उनकी तदर्थ पदोन्नति हेतु पैनलबद्ध विभागवार समूह 'ख' अधिकारियों की वरिष्ठता बनाने के लिए, निम्नलिखित सिद्धांतों का अनुपालन किया जाए :-
(क) जहां समूह 'ख' पर नियुक्तियां विभिन्न तारीखों में की जाती हैं, वहां नियुक्ति की तारीख जो अनाकस्मिक सेवा को शासित करेगी, सम्मिलित वरिष्ठता के निर्धारण का आधार बनाएगी.
(ख) यदि विभिन्न विभागों में समूह 'ख' पदों पर नियुक्तियां एक ही तारीख को की जाती हैं तो आगे पदोन्नति के प्रयोजनों हेतु ऐसे समूह 'ख' अधिकारियों की वरिष्ठता प्रत्येक विभाग के अधिकारियों की पारस्परिक वरिष्ठता के साथ छेड़-छाड़ किए बिना समूह 'ग' में उनकी सापेक्ष वरिष्ठता के आधार पर निर्धारित की जाएगी.
(सं. ई (जी पी) 84/1/7 दिनांक 22.9.1984)
3. चयन/सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा आयोजित करने की बारंबारता
3.1 समूह 'ख' में नियुक्ति के लिए सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा सहित चयन दो वर्ष में एक बार किया जाना चाहिए. जहां अप्रत्याशित परिस्थितियों जैसे नए पदों का सृजन, पदों का ग्रेड बढ़ाना आदि, के कारण तैयार किया गया पैनल निःशेष हो जाए और द्विभाषी चयन की अवधि छः महीने से अधिक दूर हों तो पुनः चयन आयोजित किया जा सकता है. तथापि, इस प्रकार चयन आयोजित करने की आवश्यकता दुष्प्राय होनी चाहिए और सामान्य द्विवार्षिक चयन के लिए रिक्तियों का परिकलन करते समय समुचित ध्यान रखा जाना चाहिए. पैनल में प्रकाशित करने के लिए रिक्तियों के आकलन से चयन की पूर्ण प्रक्रिया जहां तक संभव हो, 4 महीने की अवधि के भीतर पूरी की जाए.
(भारतीय रेल स्थापना नियमावली 201.2)
(सं. ई (जीपी) 78/2/101 दिनांक 23.1.1979)
3.2 यह सुनिश्चित करने कि चयन बिना किसी असफलता के छमाही रूप से आयोजित किए जा रहे हैं, कार्य को इस प्रकार किया जाए ताकि आधे विभागों को पहले वर्ष में शामिल कर लिया जाए और बाकी विभागों को उत्तरवर्ती वर्ष में शामिल कर लिया जाए और इसी प्रकार चक्र को दोहराया जाए. चयनों से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाएं पर्याप्त रूप से अग्रिम में शुरू की जानी चाहिए ताकि चयन आयेजित करने की समय सारणी में बाधा न आए. इस प्रयोजन हेतु प्रत्येक रेलवे की स्थिति पर आधारित एक कैलेंडर तैयार किया जाए और यह सुनिश्चित करने के लिए कार्य पर ध्यानपूर्वक नज़र रखी जाए कि समय सारणी में कोई चूक नहीं है. इस संबंध में कार्य की मुख्य कार्मिक अधिकारी के स्तर पर आवधिक रूप से पुनरीक्षा की जाए. समूह 'ख' में तदर्थ व्यवस्थाओं को सामान्यतयाः पुनः बहाल न किया जाए.
(सं. ई (जी पी) 87/2/72 दिनांक 11.1.1988)
3.3 विभिन्न विभागों में सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा के लिए रिक्तियों को भरने हेतु सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा उसी वर्ष जिस वर्ष उस विभाग में 70% चयन आयोजित किए गए हैं, आयोजित की जाएगी. इसी क्रम में, सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा में तदनुरूपी चयन का पालन किया जाए.
3.4 सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा के लिए सूचना 70% चयन के लिए जारी सूचना के साथ यह दर्शाते हुए कि सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा की तारीखों को बाद में घोषित किया जाएगा, जारी किए जाएं.
3.5 सीमित विभागीय प्रतियागी परीक्षा के लिए निर्धारित की गई अर्हता का निर्धारण हेतु तारीख वही होने चाहिए जो 70% चयन के लिए निर्धारित की गई है.
3.6 चयन/सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा के आधार पर भरी जाने वाली रिक्तियों की संख्या कर्मचारियों की सूचना हेतु नोटिस में दर्शाई जाए.
3.7 जहां विधि न्यायालयों में विवाद के कारण चयनों के तदनुरूप सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा, जिन्हें आयोजित किया गया है, पर कार्रवाई नहीं की जा सकी, अगले चयन के देय होने से पहले मामले को निर्धारित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं.
3.8 जहां न्यायिक मामले में समय लगता है और इस पर निर्णय होने की संभावना से पहले अनुवर्ती चयन देय हो जाता है और यह प्रशासनिक रूप से अनिवार्य है, महाप्रबंधक के वैयक्तिक अनुमोदन से एक प्रस्ताव बोर्ड कार्यालय को भेजा जाए जो प्रस्ताव को अनुमोदित करने से पहले न्यायिक मामले की स्थिति की समीक्षा करेंगे और स्वयं की संतुष्टि करेंगे कि न्यायालय में चल रहे मामले को शीघ्र अंतिम रुप देने के लिए प्रशासन द्वारा सभी संभव प्रयास कर लिए गए थे.
(सं. ई (जी पी) 76/2/96 दिनांक 3.6.1977 ई (जीपी) 79/2/101 दिनांक 18.6.1985)
4. चयन समिति की संरचना
4.1 समूह 'ख' में पदोन्नति के लिए उपयुक्त समझे गए समूह 'ग' कर्मचारियों के संबंध में महाप्रबंधक को सिफारिश प्रस्तुत करने के प्रयोजनार्थ उसके आदेशों के अधीन चयन समिति गठित की जाएगी.
(भा.रे.स्था.नि. का पैरा 202.1)
4.2 चयन समिति में तीन विभागाध्यक्ष जिनमें मुख्य कार्मिक अधिकारी या संबंधित विभागाध्यक्ष या संबंधित भर्ती नियमों में जैसी व्यवस्था की गई हो, शामिल है. वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक या सतर्कता संगठन के मुख्य सतर्कता अधिकारी को समिति के सदस्य के रूप में नामित नहीं किया जाना चाहिए. यदि गठित विभागीय पदोन्नति समिति में अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से संबंधित एक भी सदस्य न हो तो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति से संबंधित एक सदस्य नामित किया जाना चाहिए जिसका ओहदा कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड से निम्नतर न हो.
(भा. रेल स्थापना नियमावली का पैरा 202.1)
4.3 वरिष्ठ मंडल महाप्रबंधक को उसके नियंत्रणाधीन शाखाओं में उच्चतर ग्रेड पदों में पदोन्नति हेतु चयन समिति में नामित किया जाए. उत्पादन इकाइयों जहां वरिष्ठ मंडल महाप्रबंधक का कोई पद नहीं है, में मुख्य सतर्कता अधिकारी के रूप में कार्य करने के लिए नामित विभागाध्यक्ष उसके नियंत्रणाधीन विभागों में उच्चतर ग्रेडों में पदोन्नति के लिए कर्मचारियों के चयन हेतु चयन समिति के साथ समान रूप से संबद्ध भी होगा.
(सं. ई (जी पी) 79/2/40 दिनांक 1.9.79)
4.4 यदि संबंधित विभाग/रेलवे में कोई अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति का उम्मीदवार उपलब्ध नहीं है तो समीपवर्ती क्षेत्रीय रेलवे अथवा किसी अन्य रेलवे अथवा उत्पादन इकाई से उपयुक्त स्तर के अनु. जाति/अनु. जनजाति के उम्मीदवार को ढूढने के प्रयास किए जाएं. यदि अनु. जाति/अनु. जनजाति का कोई अधिकारी फिर भी उपलब्ध नहीं होता, तो रेलवे विभाग से इतर विभाग से उपयुक्त स्तर के अनु. जाति/अनु. जनजाति के अधिकारी को ढूंढने के प्रयास किए जाएं. यदि विभागीय प्रतियोगी समिति में अनु. जाति अथवा अनु. जनजाति के अधिकारी को शामिल करना चाहे नामित अथवा सह-विकल्प हो, संभव नहीं होता तो इसके कारण लिखित में रिकार्ड किए जाएं.
(सं.81/ई (एस सी टी) 15/32 दिनांक 4.6.1981)
5. रिक्तियों का आकलन
5.1 रिक्तियों का वास्तविक आकलन होना चाहिए ताकि आकलन और वास्तविक मौजूदा रिक्तियां जमा उनकी जिसकी पैनल की अवधि के दौरान निश्चित रूप से उत्पन्न होने की संभावना है, के बीच बहुत अधिक भिन्नता न हो. रिक्तियों का आकलन पहले से मौजूद रिक्तियां जमा वे रिक्तियां जो नए पदों / अतिरिक्त पदों जिनके लिए प्रस्ताव प्रक्रियाधीन हैं, में से वे रिक्तियां जो प्रतिनियुक्ति/लंबी छुट्टी आदि से लौटने वाले अधिकारियों द्वारा भरी जाएंगी, को घटाने के बाद उत्पन्न होनी हैं, पर आधारित होना चाहिए
(सं. ई (जी पी) 79/2/74 दिनांक 15.2.1980)
5.2 अक्सर, रेलों द्वारा तैयार किया गया पैनल 2 वर्ष की समाप्ति से काफी पहले समाप्त हो जाता है और नए चयनों को शुरू करना पड़ता है. इसे देखते हुए और इस पर भी विचार करते हुए कि विचारार्थ क्षेत्र बहुत बड़ा नहीं बनना चाहिए, यह विनिश्चय किया गया है कि 2 वर्ष के लिए मौजूदा और प्रत्याशित रिक्तियों को केवल 'निर्माण आरक्षित' तक सीमित रखने की बजाय नियमित संवर्ग (स्थायी और अस्थायी दोनों) में और निर्माण और कार्य प्रभारित संवर्ग/पदों में भी रिक्तियों को ध्यान में रखते हुए आंका जाना चाहिए.
(सं. ई (जीपी) 87/2/72 दिनांक 22.10.91)
5.3 अतः इस प्रकार किए गए आकलन के मुताबिक, अगले 6 महीने में उत्पन्न होने वाली रिक्तियों को अप्रत्याशित रिक्तियों में शामिल किया जाए. आकलित रिक्तियों में संवर्ग संख्या के 30% को शामिल करने की पूर्ववर्ती व्यवस्था को बंद कर दिया जाता है.
(सं. ई (जीपी) 2005/2/61 दिनांक 14.9.2006)
6. पात्रता
6.1 सामान्य चयन और सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा द्वारा समूह 'ख' पदों में पदोन्नति हेतु विचारार्थ पात्रता हेतु शर्तें, जहां लागू हों, संबद्ध भर्ती नियमों में निर्धारित की गई हैं. इस विषय पर आगे निम्नलिखित अनुदेश जारी किए गए हैं.
6.1.1 समूह 'ख' चयन हेतु पात्रता के मूल्यांकन के लिए निर्धारित तारीख
उक्त अवधि में भरी जाने वाली रिक्तियों के संबंध में चयनों (70% एवं 30% सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा दोनों) में उपस्थित होने के लिए उम्मीदवारों की पात्रता निर्धारित करने के लिए रिक्ति अवधि के शुरू होने की तारीख को निर्धारित तारीख के रूप में माना जाए.
(सं. ई (जी पी) 2005/2/42 दिनांक 21.9.2005)
6.2 रिक्तियों के 70% हेतु चयन
6.2.1 चयन के लिए न्यूनतम कम से कम 5000/- रु. और उच्चतर समूह 'ग' ग्रेडों में कार्यरत समूह 'ग' कर्मचारी विचार किए जाने के पात्र होंगे बशर्ते उन्होंने इस ग्रेड में अनाकस्मिक सेवा में तीन वर्ष की सेवा पूरी की हो.
(सं. ई (जी पी) 99/2/22 दिनांक 22.7.2004)
6.2.2 केवल वे कर्मचारी जिन्होंने 5500-9000/- रु. एवं इससे ऊपर के ग्रेड में अनाकस्मिक सेवा में कम से कम 3 वर्ष की सेवा की हो, सहायक कार्मिक अधिकारी की 70% रिक्तियों की अंतर्गत चयनों के लिए पात्र हैं.
(सं. ई (जी पी) 99/2/22 दिनांक 18.11.2004)
6.2.3 रेलवे स्कूल अध्यापक जो रेलवे स्कूलों के अलग संवर्ग से संबंधित हैं और इस प्रकार, वे सहायक कार्मिक अधिकारी के समूह 'ख' पद हेतु विचार किए जाने के पात्र नहीं हैं.
(सं. ई (जी पी) 88/2/54 दिनांक 8.7.93)
6.2.4 यदि कनिष्ठ कर्मचारी के संबंधित न्यूनतम सेवा शतर्तों को पूरा करने के आधार पर 70% चयन के लिए विचार किया जाता है तो उससे वरिष्ठ सभी कर्मचारियों को पात्र माना जाएगा भले ही वे अपेक्षित न्यूनतम सेवा शर्तों को पूरा न करते हों. यह व्यवस्था सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा के लिए लागू नहीं है.
(भारतीय रेल स्थापना नियमावली का पैरा 203.2 एवं संबंधित भर्ती नियमों में व्यवस्थाएं)
6.3 सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा
6.3.1 सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा हेतु सभी समूह 'ग' कर्मचारी जो न्यूनतम 5000/- रु. के ग्रेड में एवं उच्चतर समूह 'ग' ग्रेडों में कार्यरत हैं, विचार किए जाने हेतु पात्र होंगे बशर्ते उनकी ग्रेड में अनाकस्मिक सेवा पांच वर्ष से कम की न हो.
(सं. ई (जीपी) 99/2/22 दिनांक 22.7.2004)
6.4 विधि सहायक/मुख्य विधि सहायक, ए एल ओ/संपदा अधिकारी आदि के पद पर पदोन्नति के अपने सामान्य अवसर के अतिरिक्त ए पी ओ अथवा ए सी एम के पद के लिए पदोन्नति के लिए पात्र हैं जो उनके द्वारा लिए गए विकल्प पर निर्भर करता है. किसी भी राजपत्रित संवर्ग में चयन होने के बाद कर्मचारी द्वारा विकल्प दिया जा सकता है. ऐसा विकल्प चयन/सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा के परिणाम के 30 दिन के भीतर कर्मचारी द्वारा लिखित में दिया जाए और एक बार दिये गए विकल्प को अंतिम माना जाए.
(सं. ई (एन जी) II/87/पी ओ/जनरल/8 दिनांक 23.6.89 सं. ई (जी पी) 88/2/54 दिनांक 31.1.92)
6.5 यातायात एवं वाणिज्यिक विभाग, भंडार विभाग, सांख्यिकीय एवं समेकन शाखा के लिपिक वर्गीय कर्मचारियों, रोकड़ एवं वेतन समय कार्यालय कर्मचारियों एवं अन्य विभागों में आशुलिपिकों और लिपिक वर्गीय कर्मचारियों जिन्हें अपने स्वयं के विभागों में समूह 'ख' पदों पर पदोन्नति के कोई अवसर नहीं हैं, को भी ए पी ओ के पद के लिए एक मौका दिया गया है. ऐसे कर्मचारियों को चयन/सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा के परिणाम के एक महीने के भीतर पदोन्नति हेतु विकल्प देने का अवसर दिया जाए और एक बार दिये गये विकल्प को अंतिम माना जाए. पैनल को तब तक अनंतिम रूप में रखा जाए जब तक कि विकल्प को एक माह के भीतर अंतिम रुप से प्रयोग न कर लिया जाए. बहरहाल, यदि कर्मचारी पैनलबद्ध होने के बाद बाहर निकलने का विकल्प देता है, तो अनु. जाति/अनु. जनजाति के लिए रिक्तियों के आरक्षण हेतु नियमों एवं आदेशों का विधिवत् रूप से पालन करते हुए अगले अर्हक उम्मीदवार को सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से पैनल पर रखा जाए और उसके बाद अंतिम पैनल प्रकाशित किया जाए.
(सं. ई (जीपी) 92/2/9 दिनांक 25.3.1992)
7. समूह 'ग' में समूह 'ख' में पदोन्नतियों हेतु समूह 'ख' संवर्ग का निर्धारण
8 प्रत्येक बड़े विभागों में 1.4.2005 को प्रत्येक विभाग में कनिष्ठ वेतनमान /समूह 'ख' की सम्मिलित संवर्ग संख्या पर निम्नलिखित प्रतिशत को अपनाते हुए समूह 'ख' संवर्ग की संख्या को निर्धारित किया जाए :-
विभाग समूह ख पदों का प्रतिशत
सिविल 78.42
यातायात 75.52
रात्रि 72.75
बिजली 66.60
सिगनल एवं दूरसंचार 73.30
भंडार 73.49
लेखा 77.08
कार्मिक 80.40
(ये प्रतिशत संबंधित विभागों के लिए 1.4.2005 को संशोधित कनिष्ठ वेतनमान (समूह 'क') संवर्ग संख्या के संदर्भ में हैं)
7.1 यदि, किसी विभाग में, सहायक अधिकारी के पदों पर कार्यरत समूह 'ख' अधिकारियों की कुल संख्या इस प्रकार निर्धारित समूह 'ख' संवर्ग संख्या से अधिक हो जाती है, तो रोस्टर को बढ़ा दिया जाए और उस समय तक तदनुसार परिचालित किया जाए जब तक कि भविष्य में आधिक्य पूरा हो जाए.
(सं. ई (जीपी) 2005/2/61 दिनांक 22.11.2005)
8. 70% रिक्तियों के लिए चयन हेतु विचार का क्षेत्र
8.1 पात्र कर्मचारियों के विचार का फील्ड नीचे दिए गए अनुसार निर्धारित किया जाएगा :
रिक्तियों की संख्या विचार किए जाने वाले कर्मचारियों की संख्या
1 5
2 8
3 10
4 या अधिक रिक्तियों की संख्या से 3 गुणा
8.2 यदि आरक्षित रिक्तियों के अंतर्गत विचार के लिए अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति का कोई कर्मचारी उपलब्ध नहीं है तो फील्ड को रिक्तियों की संख्या से 5 गुणा तक बढ़ा दिया जाए और केवल अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के कर्मचारियों पर ही विचार किया जाएगा और बढ़े हुए फील्ड से आने वाले कर्मचारियों पर विचार नहीं किया जाएगा.
(भारतीय रेल स्थापना नियमावली का पैरा 203.4 एवं ई (जीपी) 81/1/18 दिनांक 9.4.1981)
8.3 अ.जा./अ.ज.जा. कर्मचारी जो संवंधित ज़ोन से बाहर आरक्षित रिक्तियों के संबंध में पैनलबद्ध हुए हैं, को उनके श्रेणीकरण एवं वरिष्ठता के अनुसार पैनल में रखा जाएगा.
(संख्या ई (जीपी) 81/1/18 दिनांक 9.4.1981
संख्या ई (जीपी) 81/1/18 दिनांक 25.7.1983)
8.4 यदि स्लाइडिंग वेतनमान को लागू करते हुए निर्धारित किए गए फील्ड में उपलब्ध अ.जा. की संख्या उनके लिए आरक्षित की गई रिक्तियों की संख्या में 3 गुणा के तदनुरूप नहीं है तो अ.जा. के उम्मीदवारों के लिए फील्ड को उन रिक्तियों की संख्या की केवल 5 गुणा तक ही बढ़ाया जाए. इसी प्रकार यदि अ.ज.जा. उम्मीदवार उनके लिए आरक्षित रिक्तियों की संख्या के 3 गुणा के बराबर उपलब्ध नहीं है तो अ.ज.जा. उम्मीदवारों के लिए फील्ड को कुल रिक्तियों की संख्या के केवल 5 गुणा तक ही बढ़ाया जाए. यदि अ.जा. एवं अ.ज.जा. उम्मीदवार दोनों उनके लिए आरक्षित रिक्तियों की संख्या के 3 गुणा के तदनुरूप उपलब्ध नहीं है, तब अ.जा./अ.ज.जा. उम्मीदवार दोनों के लिए फील्ड को रिक्तियों की संख्या के 5 गुणा तक बढ़ाया जाना चाहिए.
(सं. ई (जी पी) 81/1/18 दिनांक 4.9.1982)
8.5 जहां जोन को अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अन्य को नहीं) पर विचार किये जाने के उद्देश्य हेतु रिक्तियों की संख्या को पाँच गुणा बढ़ाया जाना आवश्यक है, इसके परिणामस्वरूप स्लाइडिंग स्केल को लागू करने से प्राप्त होने वाली संख्या स्वाभाविक रूप से जोन में कर्मचारियों की संख्या से अधिक होगी. ऐसी स्थिति में सामान्य जोन में से सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों की तदनुरूपी संख्या को छोड़ना सही नहीं होगा, क्योंकि इससे वे उनकी वैध रूप से देय उचित अवसर से वंचित हो जाएंगे.
(सं. ई (जी पी) 81/1/18 दिनांक 29.9.1981)
8.6 सहायक कार्मिक अधिकारी के पद हेतु चयन
8.6.1 कार्मिक विभाग में समूह ख पदों की पदोन्नति हेतु चयन के संबंध में संख्या की किसी सीमा के बिना उन सभी कर्मचारियों पर विचार किया जाना चाहिए जो पात्र हों और चयन के लिए इच्छुक हों.
(भारतीय रेल स्थापना नियमावली का पैरा 203.8 ई (जीपी) 81/1/18 दिनांक 29.9.1981)
8.6.2 मौखिक परीक्षा हेतु मौजूदा रिक्तियों की संख्या के 6 गुणा तक सफल अभ्यार्थियों को उनके द्वारा प्राप्त किए गए अंकों के आधार पर ही बुलाना चाहिए.
(सं. ई (जीपी) 81/1/18 दिनांक 26/29.9.1981)
8.7 यदि स्लाइडिंग स्केल के अनुसार बनाई गई सूची में वे कर्मचारी जो पहले के चयनों में दो बार असफल हो चुके थे, शामिल हैं, तो अतिरिक्त कर्मचारियों को तदनुरूपी संख्या में बुलाया जाना चाहिए. उदाहरणतः यदि सूची में 5 रिक्तियों हेतु चयन के लिए 15 कर्मचारी हैं और इसमें मान लिया जाए कि तीन कर्मचारी जो चयन में पहले ही दो बार उपस्थित और असफल हो चुके थे, शामिल हैं तो वरिष्ठता के अनुसार तीन और पात्र कर्मचारी सूची में शामिल किये जाने चाहिए.
(सं. ई (जीपी) 85/1/78 दिनांक 10.9.86)
8.8 चयन हेतु जारी सूचना में, बनाई गई सूची में पात्र कर्मचारियों के नामों के अलावा, एक आरक्षित सूची जिसमें अतिरिक्त पात्र कर्मचारियों के नाम यह दर्शाते हुए होना चाहिए कि बनाई गई सूची में से कर्मचारियों के बाहर होने की स्थिति में बाद में लिखित परीक्षा हेतु उन्हें बुलाया जा सकता है.
8.9 कर्मचारी जिन्हें सूची में रखा गया है, को प्रस्तावित चयन हेतु इस स्पष्ट अनुबंध के साथ वैयक्तिक रूप से सूचित किया जाए कि वे सूचना के प्राप्त होने पर चयन में भाग लेने हेतु अपनी इच्छा/अनिच्छा सूचित करेंगे. इस उद्देश्य हेतु, प्रत्येक नोटिस में एक कांउटर फॉयल होना चाहिए, जिसे प्राप्ति पर कर्मचारी द्वारा चयन में भाग लेने हेतु अपनी इच्छा या अनिष्छा दर्शाते हुए एक पखवाडे के भीतर वापस किया जाना चाहिए. नोटिस में स्पष्ट रूप से यह इंगित होना चाहिए कि चयन में भाग लेने हेतु अपनी इच्छा/अनिच्छा की सूचना देना कर्मचारी की जिम्मेवारी होगी और अनुमत अवधि के भीतर प्रत्युत्तर या सूचना देने में असफल रहने पर इसे चयन हेतु उसकी अनिष्ठा माना जाएगा. अनिष्ठा की सूचना दिए जाने या कोई सूचना न मिलने की स्थिति के आधार पर, चयन में भाग लेने के लिए जहां तक आवश्यक हो, आरक्षित सूची से कर्मचारियों को बुलाया जाना चाहिए.
8.10 ऐसे कर्मचारी जो न तो लिखित परीक्षा में शामिल होते हैं और न ही अपनी इच्छा व्यक्त करते हैं, को बोर्ड के 10.9.1986 के पत्र सं. ई (जी पी) 85/1/78 के पैरा 1 (ii) के निर्देशों में उल्लिखित अनुदेशों के अनुसार इस उद्देश्य हेतु यह समझा जाएगा कि उन्होंने एक अवसर का लाभउठा लिया है.
8.11 यह सुनिश्चित करने हेतु प्रयास किया जाए कि चयन में भाग लेने हेतु कर्मचारियों की संख्या को तैयार की गई सूची में बिना किसी गलती के प्रदर्शित किया जाए.
(सं. ई (जीपी) 87/2/72 दिनांक 11.1.1988)
9. ग्रुप 'ख' पदों पर पदोन्नति के उद्देश्य हेतु विभिन्न विभागों / वरिष्ठता इकाइयों से संबंधित कर्मचारियों की एकीकृत वरिष्ठता.
9.1 जहां चयन के लिए उपस्थित होने के लिए विभिन्न धाराओं के कर्मचारी पात्र हैं इसीलिए चयन के प्रयोजनार्थ उनकी एकीकृत वरिष्ठता, 6500-10500/- रु. और उससे ऊपर के ग्रेड में उनके अनाकस्मिक सेवा की कुल अवधि के आधार पर निर्धारित की जानी चाहिए. दूसरे शब्दों में अनाकस्मिक आधार पर 6500-10500/- रु. के ग्रेड में नियुक्ति की तारीख ही मापदंड होगी.
(भारतीय रेल स्थापना नियमावली का पैरा 203.5 एवं ई (जीपी) 88/2/46 दि. 22.12.1988)
9.2 विभिन्न विभागों के आने वाले कर्मचारियों की एकीकृत वरिष्ठता का निर्धारण करने के लिए, प्रत्येक विभाग में कर्मचारियों की पारस्परिक वरिष्ठता सूची भी बनाई जाएगी.
(सं. ई (जीपी) 81/2/87 दिनांक 28.5.1983)
9.3 अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कर्मचारियों, जिनकी नियुक्ति आरक्षित रिक्तियों पर की गई है द्वङ्गिरा धारित पदों के संदर्भ में वरिष्ठता के निर्धारण के संबंध में, ऐसा हो सकता है कि वरिष्ठता निर्धारण की सामान्य कार्यविधि के अनुसार, एक अनुसूचित जनजाति/अनुसूचित जनजाति अधिकारी की रोस्टर पॉइंट के अनुसार तैनाती से लम्बी अवधि की सेवा वाले सामान्य वर्ग के कर्मचारियों की वरिष्ठता प्रभावित हो सकती है, जो अन्यथा वरिष्ठ हैं और उन्हें पैनल पर रखा जा सकता है परंतु वे रिक्तियां अनु. ज./अनु.ज.ज. हेतु आरक्षित होती हैं. इस प्रकार के मामलों में निम्नलिखित कार्यविधि अपनाई जानी चाहिए.
9.3.1 चयनित पदों के मामले में, पैनल पर रखे गए अनु.ज./अनु. जनजाति कर्मचारियों को पैनल में उनके तत्काल नीचे के सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की सेवा की अवधि का लाभ दिया जाए. बहरहाल, ऐसे मामलों में जहां अनु.ज./अनु. जनजाति कर्मचारियों को पैनल में सबसे नीचे रखा गया है, परन्तु आरक्षित पदों पर उनके तारीखों से पहले पदोन्नत किया गया है, तो उनकी सेवा अवधि पैनल पर उनके तत्काल ऊपर रखे गये कर्मचारियों के बराबर होनी चाहिए.
9.3.2. गैर-चयनित पदों के मामलों में, सेवा अवधि की गणना नियुक्ति की तिथि से की जाए.
(सं. ई (जी पी) 88/2/46 दिनांक 22.12.1988 और 31.8.1989)
10. चयन प्रक्रिया
10.1 पैनलबद्ध के लिए उम्मीदवारों का चयन व्यावसायिक योग्यता का निर्णय करने के लिए लिखित परीक्षा, मौखिक परीक्षा और चयन समिति द्वारा अभिलेखों के मूल्यांकन पर आधारित होता है.
(भारतीय रेल स्थापाना नियमावली का पैरा 204.1)
10.2 लिखित परीक्षाओं, मौखिक परीक्षा और सेवा के रिकॉर्ड के मूल्यांकन में निम्नलिखित कार्यविधि अपनायी जाए :-
(क) लिखित परीक्षा
1. समिति विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा
निर्धारित पेपर अधिकतम अंक अर्हक अंक
व्यावसायिक पेपर-I (व्यावसायिक विषय 150 90
और सामान्य ज्ञान)
व्यावसायिक पेपर-II (व्यावसायिक विषय और 150 90
150 स्थापना और वित्तिय नियम)
नोट (i) 150 अंकों में से, व्यावसायिक विषय से संबंधित प्रश्न प्रत्येक पेपर में कम से कम 100 अंकों के होंगे.
(ii) बोर्ड के 9.9.78 के पत्र सं. 78 एसी-III/20/49 में स्पष्ट किये गये अनुसार लेखा विभाग पेपर-I में सामान्य ज्ञान और अंग्रेजी और बोर्ड के 3.8.77 के आदेशों के तहत परिपत्रित पेपर II (क) के विषय शामिल होंगे और पेपर-II में बोर्ड के 3.8.77 के पेपर II (बी) और III के विषय शामिल होंगे.
(iii) ऊपर वर्णित न्यूनतम अर्हक अंको के अलावा, किसी विषय हेतु अलग से कोई न्यूनतम अर्हक अंक नहीं होंगे.
II. चयन
निर्धारित पेपर अधिकतम अंक अर्हक अंक
व्यावसायिक विषय और स्थापना और 150 90
वित्तीय नियमों पर एक पेपर
टिप्पणी : 150 अंकों में से, व्यावसायिक विषय के लिए कम से कम 100 अंक होंगे.
नोट : (i) सिगनल एवं दूरसंचार विभाग के मामले में, बोर्ड के 4.5.79 के पत्र सं. ई (जीपी) 79/2/25 में अंतर्विष्ट अनुदेशों के अनुसार, व्यावसायिक विषय से संबंधित भाग को (i) यांत्रिक, सिगनलिंग और भूमि लाइन संव्यवहार और (ii) विद्युतीकृत सिगनलिंग और बेतार संव्यवहार के बीच दो भागों में बराबर-बराबर बांटा जाएगा और उसके साथ परिपत्रित पाठ्यक्रम को अपनाया जाएगा :-
(ख) सेवा और मौखिक परीक्षा का रिकार्ड
(चयन और सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा दोनों के लिए)
अधिकतम अंक अर्हक अंक
(i) मौखिक परीक्षा 25 30 (सेवा के रिकार्ड में
कम से कम 15 अंक सहित)
(ii) सेवा का रिकार्ड 25
(ई (जीपी) 88/2/111 दिनांक 20.8.1991)
10.3 चयन (70% रिक्तियों) के लिए लिखित परीक्षा के प्रश्न पत्र में एक व्यावहारिक अभिनति होनी चाहिए अर्थात् यह इस प्रकार तैयार किया जाए कि इससे उम्मीदवारों के सैद्धांतिक ज्ञान की परीक्षा की बजाय की उन व्यावहारिक समस्याओं से, जिनका उन्हें सामना करने की संभावना हो, निपटने की योग्यता की परीक्षा हो. इस बात को ध्यान में रखते हुए ही सहायक कार्मिक अधिकारी के पद के लिए लिखित परीक्षा के सिवाए किसी लिखित परीक्षा के लिए कोई पाठ्य विवरण निर्धारित नहीं किया गया है तथा रेलों द्वारा स्थानीय परिस्थितियों/परिपाटियों के अनुसार ही प्रश्न पत्र बनाया जाना चाहिए.
(भारतीय रेल स्थापना नियमावली का पैरा 204.2)
10.4 व्यावसायिक योग्यता की जांच करने के लिए आबंटित कुल अंकों के 10% अंक राजभाषा नीति और राजभाषा नियमों से संबंधित प्रश्नों के लिए निर्धारित कर दिए जाने चाहिए. यद्यपि राजभाषा नीति और राजभाषा नियमों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देने के लिए कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए परंतु वे प्रश्न अनिवार्य नहीं होने चाहिए. राजभाषा नीति और राजभाषा नियमों से संबंधित प्रश्न मुख्य राजभाषा अधिकारी द्वारा अथवा उनके परामर्श से निर्धारित किया जाए.
(भारतीय रेल स्थापना नियमावली का पैरा 204.3 एवं 204.4 और हिन्दी-81/ओ एल-14/12 दिनांक 14.1.82)
10.5 कार्यनिष्पादन का अनुसीमन अनुमेय नहीं है.
(भारतीय रेल स्थापना नियमावली का पैरा 204.5)
10.6 व्यक्तित्व, संबोधन और नेतृत्व के गुणों का मूल्यांकन मौखिक परीक्षा के समय किया जाना चाहिए. यदि व्यावसायिक योग्यता का निर्णय करने के लिए लिखित परीक्षा आयोजित नहीं की जाती है तो व्यावहारिक आधार के प्रश्नों के माध्यम से मौखिक परीक्षा में उसका भी मूल्यांकन किया जाना चाहिए.
(भारतीय रेल स्थापना नियमावली का पैरा 204.6)
10.7 सेवा अभिलेख के अंक गोपनीय रिपोटों और संबंधित सेवा अभिलेखों के आधार पर दिये जाने चाहिए. चरित्र की सत्यनिष्ठा की ओर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए.
(भारतीय रेल स्थापना नियमावली का पैरा 204.7)
11. सेवा के रिकॉर्ड का मूल्यांकन
11.1 मूल्यांकन पिछले पांच वर्ष की गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर होना चाहिए
11.2 पांच गोपनीय रिपोटों को शामिल करते हुए अधिकतम 25 अकों के लिए अंक निम्नानुसार दिये जाएं :-
उत्कृष्ट 5 अंक
अति उत्तम 4 अंक
उत्तम 3 अंक
उत्तम/उपयुक्त नहीं : 2.5 अंक
औसत 2 अंक
औसत से कम : 1 अंक
11.3 पिछली 3 गोपनीय रिपोटों में उपयुक्त नहीं/अभी उपयुक्त नहीं वर्गीकरण को 2.5 अंक दिए जाएंगे परन्तु पहली 2 गोपनीय रिपोटों में ऐसे वर्गीकरण को 3 अंक दिए जाएंगे.
11.4 प्रत्येक वर्ष में सेक्शन II में दी गई विशेषताओं की ग्रेडिंग के अनुरूप अंकों को जोड़ा जाएगा और तब 5 वर्ष का औसत जोड़ निकाला जाएगा.
11.5 'पदोन्नति के लिए उपयुक्त' के रूप में वर्गीकरण की दृष्टि से किसी भी कर्मचारी को पिछली 5 गोपनीय रिपोटों से कम से कम 15 अंक प्राप्त करने आवश्यक हैं और अंतिम गोपनीय रिपोर्ट में पदोन्नत के लिए उपयुक्त के रूप में रेटिंग होनी चाहिए. प्राप्त किये हुए आंकड़े पर विचार किए बिना अंतिम गोपनीय रिपोर्ट में "औसत" या 'उपयुक्त नहीं' की रेटिंग को 'ग्रे एरिया' के रूप में माना जाएगा.
11.6 प्रत्येक वर्ष की गोपनीय रिपोर्ट की समग्र ग्रेडिंग के अनुसार अंक आबंटित किये जाने चाहिए और अंक सिर्फ दी गई अंतिम ग्रेडिंग के आधार पर नहीं दिये जाने चाहिए अपितु समिति द्वारा पूरी गोपनीय रिपोर्ट पढ़ी जानी चाहिए और उससे प्राप्त ग्रेडिंग के लिए अंक दिये जाने चाहिए.
11.7 विभागीय पदोन्नति समिति को पदोन्नति हेतु विचार किये जाने वाले सभी कर्मचारियों के संबंध में बराबर संख्या में वर्षों की गोपनीय रिपोर्टों पर विचार करना चाहिए.
11.8 यदि एक वर्ष विशेष के लिए एक से अधिक गोपनीय रिपोर्ट लिखी गई हैं तो संबंधित वर्ष हेतु सभी गोपनीय रिपोटों पर एक वर्ष की गोपनीय रिपोर्ट मानकर एक साथ विचार किया जाएगा.
11.9 जहां एक या अधिक गोपनीय रिपोर्ट नहीं लिखी गई है या उपलब्ध नहीं है तो निम्न ग्रेडों में ली गई रिपोर्ट सहित पूर्व वर्षों की गोपनीय रिपोटों को आकलन हेतु अपेक्षित गोपनीय रिपोटों की अपेक्षित संख्या को पूरा करने हेतु लेखे में लिया जाएगा.
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